थायरॉइड के जैविक लक्षण
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थायरॉयड के लक्षणों की सूची
थायरॉयड गले के सामने स्थित एक छोटी, तितली के आकार की ग्रंथि होती है। यह चयापचय, वृद्धि और विकास को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब थायरॉयड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती है, तो इससे विभिन्न प्रकार के लक्षण हो सकते हैं।
हाइपोथायरॉयडिज्म (कम सक्रिय थायरॉयड)
हाइपोथायरॉयडिज्म तब होता है जब थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड हार्मोन नहीं बनाती है। हाइपोथायरॉयडिज्म के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- थकान
- वजन बढ़ना
- कब्ज
- रूखी त्वचा
- बालों का झड़ना
- नाजुक नाखून
- मांसपेशियों की कमजोरी
- जोड़ों में दर्द
- अवसाद
- चिंता
- स्मृति समस्याएं
- बांझपन
- मासिक धर्म की अनियमितताएं
हाइपरथायरॉयडिज्म (अधिक सक्रिय थायरॉयड)
हाइपरथायरॉयडिज्म तब होता है जब थायरॉयड ग्रंथि बहुत अधिक मात्रा में थायरॉयड हार्मोन बनाती है। हाइपरथायरॉयडिज्म के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- वजन घटना
- भूख बढ़ना
- दस्त
- पसीना आना
- गर्मी असहनीयता
- तेज दिल की धड़कन
- धड़कन
- घबराहट
- चिंता
- अनिद्रा
- ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
- मांसपेशियों की कमजोरी
- दृष्टि समस्याएं
थायरॉयड नोड्यूल्स
थायरॉयड नोड्यूल्स थायरॉयड ग्रंथि में विकसित होने वाले गांठ या वृद्धि होते हैं। अधिकांश थायरॉयड नोड्यूल्स सौम्य (गैर-कैंसर) होते हैं, लेकिन कुछ कैंसर हो सकते हैं। थायरॉयड नोड्यूल्स के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- गर्दन में गांठ या सूजन
- निगलने में कठिनाई
- खर्राटे भरी आवाज
- खांसी
- सांस लेने में कठिनाई
थायरॉयड कैंसर
थायरॉयड कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो थायरॉयड ग्रंथि में शुरू होता है। थायरॉयड कैंसर के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- गर्दन में गांठ या सूजन
- निगलने में कठिनाई
- खर्राटेदार आवाज
- खांसी
- सांस की तकलीफ
- वजन घटना
- थकान
- मांसपेशियों की कमजोरी
- हड्डियों में दर्द
डॉक्टर को कब दिखाएं
यदि आपको थायरॉयड रोग के कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो मूल्यांकन के लिए डॉक्टर को दिखाना महत्वपूर्ण है। थायरॉयड रोग की शुरुआती पहचान और उपचार गंभीर जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।
थायरॉयड रोग के जोखिम कारक
थायरॉयड रोग के कई जोखिम कारक होते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- थायरॉयड रोग का पारिवारिक इतिहास: यदि आपके परिवार का कोई सदस्य थायरॉयड रोग से पीड़ित है, तो आपको भी यह रोग होने की अधिक संभावना होती है।
- आयु: थायरॉयड रोग वृद्ध वयस्कों में अधिक सामान्य है।
- लिंग: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड रोग होने की अधिक संभावना होती है।
- ऑटोइम्यून विकार: हाशिमोटो थायरॉयडिटिस और ग्रेव्स रोग जैसे ऑटोइम्यून विकार वाले लोगों में थायरॉयड रोग होने की अधिक संभावना होती है।
- आयोडीन की कमी: आयोडीन एक खनिज है जो थायरॉयड हार्मोन उत्पादन के लिए आवश्यक है। आयोडीन की कमी से हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है।
- विकिरण का संपर्क: एक्स-रे या परमाणु दुर्घटनाओं जैसे स्रोतों से विकिरण के संपर्क में आने से थायरॉयड कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
थायरॉयड रोग का उपचार
थायरॉयड रोग का उपचार इसके प्रकार और लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। उपचार विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:
- दवा: थायरॉयड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी हाइपोथायरॉयडिज्म के लिए सबसे आम इलाज है। हाइपरथायरॉयडिज्म के इलाज के लिए एंटी-थायरॉयड दवाओं का उपयोग किया जाता है।
- रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी: रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी हाइपोथायरॉयडिज्म और हाइपरथायरॉयडिज्म दोनों के लिए एक इलाज का विकल्प है।
- सर्जरी: थायरॉयड नोड को हटाने या थायरॉयड कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
थायरॉयड रोग की आउटलुक
थायरॉयड रोग वाले लोगों के लिए आउटलुक आमतौर पर अच्छा होता है। उचित इलाज के साथ, अधिकांश लोग थायरॉयड रोग के साथ सामान्य, स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
हाइपोथायरॉयड के लक्षणों की सूची
हाइपोथायरॉयडिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में थायरॉयड हार्मोन नहीं बनाती है। इससे विभिन्न प्रकार के लक्षण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
सामान्य लक्षण
- थकान: पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थका और कमजोर महसूस करना।
- वजन बढ़ना: आहार या व्यायाम की आदतों में बदलाव के बिना भी अनियमित वजन बढ़ना।
- कब्ज: मल त्यागने में कठिनाई।
- सूखी त्वचा: त्वचा जो सूखी, खुरदरी और फटी हुई हो।
- नाजुक बाल: बाल जो सूखे, नाजुक हों और आसानी से टूट जाएं।
- मांसपेशियों में ऐंठन: दर्दनाक मांसपेशियों की ऐंठन, विशेष रूप से पैरों में।
- मासिक धर्म की अनियमितता: भारी या अनियमित मासिक धर्म।
- बांझपन: गर्भ धारण करने में कठिनाई।
- अवसाद: उदास, निराश या चिड़चिड़ा महसूस करना।
- चिंता: घबराहट, बेचैनी या तनाव महसूस करना।
- एकाग्रता में कठिनाई: ध्यान देने या चीजें याद रखने में परेशानी।
- धीमी हृदय गति: सामान्य से धीमी हृदय गति।
- निम्न रक्तचाप: सामान्य से कम रक्तचाप।
- भारी आवाज़: खर्राटेदार या फटी हुई आवाज़।
- सूजा हुआ चेहरा: चेहरा जो सूजा हुआ या फूला हुआ हो।
- सूजा हुआ थायरॉयड ग्रंथि: थायरॉयड ग्रंथि जो बढ़ी हुई या सूजी हुई हो।
कम सामान्य लक्षण
- कार्पल टनल सिंड्रोम: एक ऐसी स्थिति जिससे हाथों और कलाई में दर्द, सुन्नता और झुनझुनी होती है।
- मिक्सिडेमा: एक ऐसी स्थिति जिससे त्वचा मोटी, सूखी और फटी हुई हो जाती है।
- पर्नीशियस एनीमिया: एक ऐसी स्थिति जिससे लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है।
- ऐडिसन रोग: एक ऐसी स्थिति जिससे अधिवृक्क हार्मोन की कमी होती है।
- डायबिटीज़ इनसिपिडस: एक ऐसी स्थिति जिससे शरीर बहुत अधिक मूत्र बनाता है।
डॉक्टर को कब दिखाएं
यदि आपको हाइपोथायरॉयडिज्म के कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो निदान और उपचार के लिए डॉक्टर को दिखाना महत्वपूर्ण है। शुरुआती निदान और उपचार गंभीर जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।
हाइपरथायरॉयड के लक्षणों की सूची
हाइपरथायरॉयडिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें थायरॉयड ग्रंथि बहुत अधिक थायरॉयड हार्मोन उत्पन्न करती है। इससे विभिन्न प्रकार के लक्षण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
सामान्य लक्षण
- वजन घटना: भले ही आप अधिक खा रहे हों, आपका वजन घट सकता है क्योंकि आपका शरीर ऊर्जा तेजी से उपयोग कर रहा है।
- दिल की धड़कन बढ़ना: आपका दिल सामान्य से तेज धड़क सकता है, यहां तक कि जब आप आराम कर रहे हों।
- घबराहट या चिंता: आप बेचैन, चिड़चिड़े या चिंतित महसूस कर सकते हैं।
- नींद में कठिनाई: आपको नींद आने में या नींद बनाए रखने में परेशानी हो सकती है।
- पेशियों की कमजोरी: आपकी पेशियां कमजोर या थकी हुई महसूस हो सकती हैं।
- मासिक चक्र में बदलाव: महिलाओं को अनियमित या अधिक रक्तस्राव वाले मासिक धर्म का अनुभव हो सकता है।
- गर्मी असहनीयता: आप ठंडे मौसम में भी गर्म या पसीने से तर महसूस कर सकते हैं।
- अधिक प्यास लगना: आपको सामान्य से अधिक बार प्यास लग सकती है।
- बार-बार मूत्र आना: आपको सामान्य से अधिक बार मूत्र त्यागने की आवश्यकता हो सकती है।
- दृष्टि समस्याएं: आपको धुंधली या दोहरी दृष्टि का अनुभव हो सकता है।
- त्वचा में बदलाव: आपकी त्वचा पतली, सूखी या खुजलीदार हो सकती है।
- बालों में बदलाव: आपके बाल भूरे या पतले हो सकते हैं।
कम सामान्य लक्षण
- गलगंड: गलगंड गर्दन में एक सूजन है जो तब होती है जब थायरॉयड ग्रंथि बढ़ जाती है।
- आंखों की समस्याएं: हाइपरथायरॉयडिज्म विभिन्न प्रकार की आंखों की समस्याएं पैदा कर सकता है, जिनमें बाहर निकली आंखें, पलकों का पीछे हटना और दोहरी दिखाई देना शामिल हैं।
- हड्डियों की समस्याएं: हाइपरथायरॉयडिज्म ऑस्टियोपोरोसिस की ओर ले जा सकता है, एक ऐसी स्थिति जिससे हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती हैं।
- हृदय की समस्याएं: हाइपरथायरॉयडिज्म हृदय संबंधी समस्याओं के विकसित होने का जोखिम बढ़ा सकता है, जैसे कि एट्रियल फाइब्रिलेशन और हृदय की विफलता।
- मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं: हाइपरथायरॉयडिज्म विभिन्न प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है, जिनमें अवसाद, चिंता और मनोविकृति शामिल हैं।
डॉक्टर को कब दिखाएं
यदि आप हाइपरथायरॉयडिज्म के किसी भी लक्षण का अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाना महत्वपूर्ण है। शुरुआती निदान और उपचार गंभीर जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।
इलाज
हाइपरथायरॉयडिज्म का इलाज इस स्थिति के कारण पर निर्भर करता है। उपचार के विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:
- दवाएं: दवाओं का उपयोग थायरॉयड हार्मोन के उत्पादन को धीमा करने या शरीर पर थायरॉयड हार्मोन के प्रभाव को रोकने के लिए किया जा सकता है।
- रेडियोधर्मी आयोडीन: रेडियोधर्मी आयोडीन एक प्रकार की विकिरण चिकित्सा है जिसका उपयोग थायरॉयड ऊतक को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है।
- सर्जरी: सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है थायरॉयड ग्रंथि के सभी या कुछ हिस्से को हटाने के लिए।
थायरॉयड लक्षणों का इलाज
चिकित्सकीय उपचार
- थायरॉयड हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी: यह हाइपोथायरॉयडिज्म का सबसे सामान्य इलाज है। सिंथेटिक थायरॉयड हॉर्मोन (लेवोथायरॉक्सिन) को मुंह से रोज़ाना एक बार लिया जाता है ताकि वह थायरॉयड हॉर्मोन की कमी को पूरा कर सके जो शरीर नहीं बना पा रहा है।
- एंटी-थायरॉयड दवाएं: ये दवाएं हाइपरथायरॉयडिज्म के इलाज के लिए इस्तेमाल होती हैं। ये थायरॉयड हॉर्मोन के उत्पादन को रोककर काम करती हैं।
- रेडियोएक्टिव आयोडीन: यह इलाज थायरॉयड ऊतक को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह आमतौर पर ग्रेव्स रोग वाले लोगों के लिए दिया जाता है, जो हाइपरथायरॉयडिज्म का एक प्रकार है।
- सर्जरी: सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है जब थायरॉयड ग्रंथि का कुछ हिस्सा या पूरी ग्रंथि निकालनी पड़े। यह आमतौर पर थायरॉयड कैंसर या गॉइटर वाले लोगों के लिए किया जाता है।
प्राकृतिक इलाज
आहार
- स्वस्थ आहार खाना: फल, सब्जियों और साबुत अनाजों से भरपूर स्वस्थ आहार खाने से थायरॉयड फंक्शन में सुधार आ सकता है।
- कुछ खाद्य पदार्थों से बचना: कुछ खाद्य पदार्थ थायरॉयड फंक्शन में बाधा डाल सकते हैं। इनमें सोया उत्पाद, क्रूसिफेरस सब्जियां (जैसे ब्रोकली, गोभी और फूलगोभी) और ग्लूटेन शामिल हैं।
सप्लीमेंट्स
- आयोडीन: आयोडीन थायरॉयड फंक्शन के लिए एक आवश्यक खनिज है। आयोडीन की कमी से हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है।
- सेलेनियम: सेलेनियम थायरॉयड फंक्शन के लिए एक अन्य आवश्यक खनिज है। सेलेनियम की कमी से हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है।
- जिंक: जिंक एक खनिज है जो थायरॉयड हार्मोन के उत्पादन में शामिल है। जिंक की कमी से हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है।
- विटामिन डी: विटामिन डी एक विटामिन है जो कैल्शियम के अवशोषण में शामिल है। विटामिन डी की कमी से हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है।
जीवनशैली में बदलाव
- पर्याप्त नींद लेना: पर्याप्त नींद लेना समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, जिसमें थायरॉयड फंक्शन भी शामिल है।
- नियमित व्यायाम: व्यायाम थायरॉयड फंक्शन में सुधार करने में मदद कर सकता है।
- तनाव प्रबंधन: तनाव थायरॉयड के लक्षणों को बिगाड़ सकता है। तनाव प्रबंधन के स्वस्थ तरीके खोजना, जैसे योग, ध्यान या ताई ची, थायरॉयड फंक्शन में सुधार करने में मदद कर सकता है।
डॉक्टर को कब देखें
यदि आप थायरॉयड रोग के किसी भी लक्षन का अनुभव कर रहे हैं तो डॉक्टर को देखना महत्वपूर्ण है। शुरुआती निदान और उपचार गंभीर जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।
थायरॉयड लक्षणों के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रकार के उपचार हैं। आपके लिए सबसे अच्छा उपचार आपके लक्षणों के अंतर्निहित कारण पर निर्भर करेगा। यदि आप थायरॉयड रोग के किसी भी लक्षन का अनुभव कर रहे हैं, तो निदान प्राप्त करने और उपचार शुरू करने के लिए डॉक्टर को देखना महत्वपूर्ण है।
थायरॉयड के लक्षणों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
थायरॉयड समस्याओं के सामान्य लक्षण क्या हैं?
-
हाइपोथायरायडिज्म (कम सक्रिय थायरॉयड)
- थकान
- वजन बढ़ना
- कब्ज
- रूखी त्वचा
- बालों का झड़ना
- नाजुक नाखून
- मांसपेशियों की कमजोरी
- अवसाद
- एकाग्रता में कठिनाई
- भारी या अनियमित मासिक धर्म
- बांझपन
- गॉइटर (थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना)
-
हाइपरथायरायडिज्म (अधिक सक्रिय थायरॉयड)
- वजन घटना
- भूख बढ़ना
- दस्त
- पसीना आना
- गर्मी असहनीयता
- तेज दिल की धड़कन
- चिंता
- अनिद्रा
- मांसपेशियों की कमजोरी
- गॉइटर
थायरॉयड कैंसर के लक्षण क्या हैं?
- गर्दन में गांठ
- खराश
- निगलने में कठिनाई
- गर्दन या गले में दर्द
- गर्दन में सूजे लसिका ग्रंथियां
मुझे थायरॉयड के बारे में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए यदि आपको थायरॉयड समस्याओं के कोई लक्षण हों, विशेष रूप से यदि वे नए हैं या बिगड़ रहे हों।
थायरॉयड रोग का निदान कैसे किया जाता है?
थायरॉयड रोग का निदान रक्त परीक्षण से किया जाता है जो आपके रक्त में थायरॉयड हार्मोन के स्तर को मापता है। थायरॉयड अल्ट्रासाउंड का उपयोग भी आपकी थायरॉयड ग्रंथि के आकार और स्वरूप का मूल्यांकन करने के लिए किया जा सकता है।
थायरॉयड रोग का इलाज कैसे किया जाता है?
थायरॉयड रोग के लिए उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस प्रकार की थायरॉयड समस्या है।
- हाइपोथायरायडिज्म का इलाज थायरॉयड हार्मोन प्रतिस्थापन दवा से किया जाता है।
- हाइपरथायरायडिज्म का इलाज दवा, रेडियोधर्मी आयोडीन या सर्जरी से किया जा सकता है।
- थायरॉयड कैंसर का इलाज सर्जरी, रेडियोधर्मी आयोडीन, कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी से किया जाता है।
क्या थायरॉयड की समस्याओं को रोका जा सकता है?
थायरॉयड की समस्याओं को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ चीज़ें हैं जो आप अपने जोखिम को कम करने के लिए कर सकते हैं, जैसे कि:
- एक स्वस्थ आहार खाना जिसमें पर्याप्त आयोडीन हो
- विकिरण के संपर्क से बचना
- नियमित व्यायाम करना
- एक स्वस्थ वजन बनाए रखना
- धूम्रपान छोड़ना
निष्कर्ष
थायरॉयड की समस्याएं आम हैं, लेकिन उचित उपचार से उनका प्रबंधन किया जा सकता है। यदि आपमें थायरॉयड की समस्याओं के कोई लक्षण हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें।